Sunday, February 2, 2014

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अलवर. गाडिय़ों के टायर चुराने वाले गिरोह के चार बदमाशों को एमआईए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से ट्रकों के दो टायर व रिम बरामद की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 25 जनवरी की रात चोर नाहरपुर गांव निवासी नसरू खां के ट्रक के चार टायर खोल गए थे। वारदात एमआईए इलाके में की। एमआईए थाना प्रभारी शिवराम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने नंगला बंजीरका निवासी बिल्ला उर्फ सोराफ, रामगढ़ के गोहा चौकी गांव निवासी फारूख, मौसम तथा रोहिल उर्फ धोला मेव को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सड़क किनारे खड़े ट्रकों के टायर चोरी करने की वारदात करता है। 

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एक साल में ट्रेनों में चार गुना बढ़ी मादक पदार्थों की तस्करी

 
मुख्य तस्कर तक नहीं पहुंच पाती है पुलिस
जीआरपी ने पूरे साल में 44 मामले पकड़े और एक भी मामले में पुलिस मुख्य तस्कर तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस केवल सप्लायर तक ही पहुंच सकी। सीआई संजय शर्मा का कहना है कि सप्लायर के के संपर्क में कई बीच की कड़ी रहती है। वे उनके बारे में ठीक से नहीं जानते, इसलिए मुख्य तस्कर तक पहुंचाना बहुत कठिन हो जाता है।
यह पकड़े गए मुख्य मामले
ञ्च 9 अक्टूबर को ट्रेन से बोरी में भरा 15 किलो डोडाचूरा मिला और एटा निवासी विजय ठाकुर को गिरफ्तार किया।
ञ्च 18 अक्टूबर को राजेश मिश्रा के पास से पुलिस को 200 ग्राम स्मैक मिली।
ञ्च 11 नवंबर को मंदसौर निवासी सराफत खां से 500 ग्राम स्मैक मिली।
ञ्च 12 नवंबर को गरोठ निवासी मेहराज बाई से 2 किलो अफीम पकड़ी।
ञ्च 17 नवंबर को ट्रेन में लावारिस बैग में 1 किलो अफीम मिली।
ञ्च 20 नवंबर को मंदसौर निवासी प्रकाश से 100 ग्राम स्मैक पकड़ी।
ञ्च 24 नवंबर को नाहरगढ़ निवासी महेश कुमार से 1 किलो स्मैक पकड़ी।
ञ्च 11 दिसंबर को रवि कुमार के पास से 130 ग्राम स्मैक पकड़ी गई।
ञ्च 27 दिसंबर को एक बोरी में 50 किलो डोडा चूरा मिला। 
भास्कर न्यूजत्नकोटा
मादक पदार्थ की तस्करी रेल मार्ग से तेज हो गई है। पिछले साल की अपेक्षा मामले भी चार गुना हो गए हैं। इधर, तीन महीनों में इस तरह के काफी मामले सामने आए हैं। जीआरपी ने पकड़े गए लोगों से उनके पास से भारी मात्रा में स्मैक और अफीम पकड़ी है।
जीआरपी ने पिछले साल 2012 में केवल 11 मामले एनडीपीएस एक्ट में दर्ज किए थे। इस बार पुलिस ने पिछले 3 माह में 13 मामले पकड़ लिए। पूरे साल में करीब 44 मामले पकड़े हैं। पुलिस का मानना है कि तस्कर ट्रेन से मादक पदार्थ इसलिए लाते हैं कि पुलिस आसानी से उन तक नहीं पहुंच सकती है। वे अधिकतर लोकल डिब्बों में सफर करते हैं। इन डिब्बों में भीड़भाड़ होती है और पुलिस के जवान उनमें ठीक प्रकार से चेक नहीं कर पाते। इसका फायदा उठाकर वे आसानी से माल इधर का उधर कर देते हैं। तस्कर हर बार नया तरीका अपनाते हैं। कभी मिठाई के पैकेट, कभी आचार की डिब्बे में रखकर ले जाते हैं तो कभी पेट के बांधकर तो भी नी केप के बीच छिपाकर ले जाते हैं। ट्रेनों से तस्करी ज्यादा होने पर पुलिस भी निगरानी बढ़ा दी है। तस्कर मादक पदार्थ ले जाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। पकड़े गए मामलों में केवल कैरियर ही पकड़ में आए हैं। सड़क मार्ग पर पुलिस की नाकाबंदी और कई तरह की परेशानी होने से तस्करों ने ट्रेनों से आना-जाना ज्यादा कर दिया है।
ट्रेन में लावारिस छोड़ देते हैं मादक पदार्थ
जीआरपी ने पिछले तीन माह में पकड़े गए मामलों में ऐसे भी मामले सामने आए, जिनमें मादक पदार्थ को लावारिस हालत में छोड़ा गया था। माल पकड़े जाने के बाद कोई सामने नहीं आया। उसके बारे में पुलिस को जानकारी मिल सकी।
अपराधत्न 2012 में 11 तो 2013 में जीआरपी ने पकड़े 44 मामले, पिछले ३ माह में १३ मामले पकड़़े 

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शराब के ट्रकों से अवैध वसूली 4 पुलिसकर्मी समेत ६ गिरफ्तार

 
राजसमंद जिले में तैनात हैं चारों आरोपी पुलिसकर्मी, सेवा से निलंबित, जेल भेजा
ब्यावर सदर थाना पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, पुलिस से किया विवाद, एक आरोपी फरार 
॥राजसमंद एसपी को मामले से अवगत करवा दिया गया है। पकड़े गए पुलिस कर्मियों का पिछला रिकार्ड भी खराब है। आरोपियों के बारे में किसी ट्रक चालक ने शिकायत नहीं दी है। पुलिस गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। -प्रफुल्ल कुमार, एसपी, अजमेर
ब्यावर. पुलिस गिरफ्त में आरोपी व जब्त किए गए वाहन।
ब्यावर. पुलिस गिरफ्त में आरोपी पुलिसकर्मी।
भास्कर न्यूजत्नब्यावर
सदर थाना पुलिस ने रविवार तड़के हाइवे पर अवैध शराब की तस्करी करने वाले ट्रकों से वसूली करने के शक में चार पुलिस कर्मियों को पीछा कर पकड़ लिया। इनके दो साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस दल से बचने के लिए दो गाडिय़ों में सवार आरोपियों ने अपनी कार से पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार दी थी, लेकिन पुलिस दल ने आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस दल के घेरे में आने के बाद आरोपियों ने पुलिस दल में शामिल जवानों से विवाद और फिर हाथापाई की भी कोशिश की।
इस बीच एक आरोपी फरार हो गया। पकड़े गए चार पुलिस कर्मी राजसमंद जिले के हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा और सरकारी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को कोर्ट के आदेश से जेल भेज दिया गया। राजसमंद एसपी श्वेता धनकड ने आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
तस्करों से करते थे वसूली
एएसपी कालूराम रावत ने बताया कि शनिवार रात थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह जाब्ते के साथ हाइवे पर गश्त कर रहे थे। रात करीब १.३० बजे अजमेर रोड हाइवे पर एक वैन और एक अल्टो कार की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। दोनों कार के चालकों ने कार भगा दी। पीछा करने पर चालक ने पुलिस वाहन को टक्कर मार फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने तीन किलोमीटर पीछा कर देलवाड़ा रोड बाइपास के समीप आरोपियों को घेर लिया। इस बीच एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों में सवार ६ जनों को पकड़ कर थाने ले आए। पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए पुलिस कर्मियों में राजसमंद जिले के खमनौर में तैनात कांस्टेबल खुमान सिंह, देवगढ़ में तैनात कांस्टेबल विश्वेंद्र सिंह, रेलमगरा में तैनात रमेशचंद, कामलीघाट में सुरेंद्र सिंह पिछले कुछ महीनों से अपने साथियों चणावदा निवासी धनराज और कानोड़ निवासी शंकर साहू के साथ हाइवे पर ट्रकों से वसूली करने का गोरखधंधा करते थे। 
रैकी से पकड़ते थे शराब
एएसपी ने बताया कि आरोपी ऐसे ट्रकों की रैकी करते थे जो अवैध रूप से शराब की तस्करी करते थे। ऐसे ट्रकों को निशाना बनाने के बाद ये उन्हें रोकते और पुलिस कर्मी होने का फायदा उठाते हुए उनसे वसूली करते। शनिवार को भी आरोपी इसी वारदात की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस आरोपियों से ये जानने का प्रयास कर रही है कि उनके साथ सातवां आरोपी कौन था, जो मौके से फरार हो गया। आरोपियों के वाहनों की तलाशी में पुलिस के उनमें लाठी, हॉकी, सरिए और कपड़े मिले हैं। गिरफ्तार सभी पुलिसकर्मी १९९२ से २००८ के बैच के हैं। मामले की जानकारी मिलने पर अजमेर एसपी प्रफुल्ल कुमार ने राजसमंद एसपी को शिकायत करते हुए विभाग से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा का पत्र लिखा है। 

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डेयरी संचालक से त्र डेढ़ लाख ठग कर भाग रहे ४ जने गिरफ्तार

 
मोबाइल पर लालच देकर फंसाया 
सिंधी कैंप बस स्टैंड के सामने एक होटल के बाहर धन तिगुना करने का झांसा देकर हड़पे रुपए 
भास्कर न्यूज त्न जयपुर
सिंधी कैंप बस स्टैंड के सामने एक होटल के बाहर डेयरी संचालक को धन तिगुना करने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपए हड़पकर भाग रहे चार बदमाशों को डेयरी संचालक व उनके साथी ने राहगीरों की मदद से पकड़ लिया। जालूपुरा पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेशकर चार दिन के रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक पड़ताल में बदमाशों ने छह वारदात करना बताया। दिल्ली के इस गिरोह का सरगना संजय है।
एडिशनल डीसीपी राजेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुंबई निवासी राजू सैलार पाटिल (34), सुल्तानपुरी, नई दिल्ली निवासी सागर उर्फ बबलू (39), हैदरपुर नई दिल्ली निवासी रामतिलक (32) और नई दिल्ली दया बस्ती, सराय होटल के समीप रहने वाला अरविंद कुमार है। मामले की जांच एएसआई जयप्रकाश को सौंपी गई है।
शक होने पर बैग खोला, तो निकली कागज की गड्डियां
होटल के बाहर चारों बदमाशों ने अहसान से बैग ले लिए, जिन्हें काले रंग के एक बैग में रख दिया। उसके बाद उन्होंने अहसान व उसके साथी शौकीन को बातों में फंसाया, रुपयों से भरे बैग को बदलकर ठीक वैसा ही बैग अहसान को थमाया और बताया कि बैग को घर जाकर खोलेगा तो 5 लाख रु. मिलेंगे। अहसान ने बैग हाथ में लिया तो वजन हल्का लगा। शक होने पर उसने बैग की चेन वहीं खोली, तो कागज की गड्डियां भरी नजर आईं। अहसान व शौकीन ने सूझबूझ दिखाकर दो बदमाशों को दबोच लिया और शोर मचाने लगे। इस पर दो बदमाश भागने लगे तो उन्हें आसपास मौजूद राहगीरों ने दबोच लिया। सूचना मिलने पर जालूपुरा थानाप्रभारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों को पकड़कर थाने ले आए।
नाहरी का नाका, शास्त्री नगर निवासी अहसान की दूध की डेयरी है। करीब दो-तीन माह से गिरोह के बदमाश अहसान को फोन कर धन तिगुना करने का लालच देकर 3-४ लाख रुपयों का इंतजाम करने को कह रहे थे। झांसे में आकर अहसान कुछ दिनों पहले दिल्ली जाकर सरगना संजय से मिलकर आया। उसने बताया कि वह सिर्फ डेढ़ लाख रुपए का इंतजाम कर सका। दो दिन पहले आरोपी राजू यहां आकर रामनगर कॉलोनी में एक होटल में ठहरा। शनिवार को तीनों आरोपी भी यहां पहुंचे। बदमाशों ने अहसान से संपर्क कर उसे दोपहर को होटल दीप मंदिर के बाहर बुलवाया।
पीतल की गिन्नियां भी मिली बैग में : बदमाशों के पास मिले बैग में पीतल की गिन्नियां भी मिली हैं। बदमाशों ने लोगों को धन तिगुना करने के लालच के अलावा सोने की गिन्नियां बेचने का झांसा दिया। 

Saturday, February 1, 2014

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कोर्ट में पेशी पर आया कैदी फिल्मी स्टाइल में फरार

 
तलाश जारी 
कैदी से मिलने आए थे पिता व भाई 
हत्या का आरोपी है कंवराराम 
सुरक्षा में चूकत्न पुलिस को चकमा देकर भागा हत्या का आरोपी 

गत साल मिठड़ा गांव में स्थित एक निजी कंपनी के टॉवर से तेल चोरी करने की नियत से कंवराराम व उसके तीन साथियों ने गार्ड पर बोलेरो चढ़ाकर हत्या की थी। इस आशय का सदर थाने में मामला दर्ज है। 
कैदी कंवराराम को कोर्ट से भगाकर ले जाने की प्लानिंग उसके सहयोगियों ने पहले कर रखी थी। वे बोलेरो कैंपर गाड़ी में सवार थे। जैसे ही चालानी गार्ड कैदियों के साथ कोर्ट से बाहर निकले तो इशारा मिलते ही कंवराराम बोलेरो की तरफ भागा। गाड़ी पहले से स्टार्ट थी। उसने दौड़ते हुए गाड़ी को पकड़ा और सवार होकर भाग निकला। इतना ही नहीं शनिवार को कैदी कंवराराम के भाई व पिता भी उससे मिलने आए थे। 
कलेक्ट्री में अफरा तफरी
कलेक्ट्री में चालानी गार्ड चारों कैदियों को पकड़कर ले जा रहे थे। अचानक कैदी कंवराराम ने गार्ड को धक्का मारते हुए दौड़ गया। इस पर पुलिस जवान पीछे भागे। यह माजरा देखकर कलेक्ट्री परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
छह पुलिस टीमें गठित, जिले भर में नाकेबंदी
कोर्ट परिसर से फरार हुए कैदी को पकडऩे के लिए डीएसपी ओमप्रकाश गौतम के नेतृत्व में थानाधिकारी कोतवाली, गिड़ा, गिराब, ग्रामीण, सदर समेत छह टीमें गठित की गई। साथ ही पूरे जिले में जगह जगह नाकेबंदी कर कैदी की तलाश शुरू की। देर रात तक पुलिस का तलाशी अभियान जारी रहा। लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला। 
भास्कर न्यूज. बाड़मेर.
जिला कारागृह से कोर्ट में पेशी पर आया एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फिल्मी स्टाइल में भाग छूटा। पुलिस ने पीछा करते हुए पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन वह बोलेरो में सवार होकर फरार हो गया। इससे एकबारगी अफरा तफरी मच गई। इसके बाद शहर के चारों तरफ नाकेबंदी की गई। पुलिसकर्मियों ने बोलेरो का पीछा किया, लेकिन तब तक कैदी अपने साथियों के साथ भाग निकला। इस घटना के बाद एसपी के निर्देशानुसार छह पुलिस टीमें गठित कर तलाशी शुरू की गई। देर रात तक फरार हुए कैदी का सुराग नहीं मिला।
शनिवार सुबह जिला कारागृह से हत्या के आरोप में सजा काट रहे चार कैदियों को चालानी गार्ड फास्ट ट्रैक अदालत में पेशी पर लेकर आए। पेशी होने के बाद कैदियों को लेकर गार्ड रवाना हुए। बाहर आते ही कैदी कंवराराम पुत्र वखताराम जाट निवासी बोला ने गार्ड को धक्का मारते हुए भागने लगा। इस पर पुलिस जवानों ने उसे पकडऩे का प्रयास किया। इतने में वहां खड़ी बोलेरो गाड़ी रवाना हुई तो कंवराराम पीछे लटक गया। कुछ ही दूरी पर जाकर गाड़ी की रफ्तार धीमी होते ही कैदी गाड़ी के अंदर बैठ गया। इस पर पुलिस ने बाइक पर पीछा शुरू किया। इधर, सूचना मिलने पर शहर में जगह जगह नाकेबंदी की गई। लेकिन कैदी गेहूं रोड के रास्ते बोलेरो से भाग छूटा। इस संबंध में चालानी गार्ड याकूब खां ने मामला दर्ज करवाया कि हत्या के आरोपी कंवराराम को पेशी से ले जा रहे थे। इस दौरान कैदी ने उसे धक्का मारते हुए बोलेरो में सवार होकर फरार हो गया। 

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पुलिस ने जवाहर नगर व जे ब्लॉक में मारा छापा 
नगर संवाददातात्नश्रीगंगानगर
शुक्रवार को भारत-न्यूजीलैंड के बीच आखिरी एकदिवसीय मुकाबले में जवाहरनगर थानाक्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर सट्टा लगने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके पर क्रिकेट बुकी में उपयोग किया जा रहे सामान बरामद किए।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कई महिनों से घर से ही क्रिकेट बुकी का धंधा चला रहे थे। जे ब्लॉक स्थित दिनेश अग्रवाल के घर पर छापा मारा। यहां से एलईडी, लैपटॉप, 13 मोबाइल, चार्जर, कैलकुलेटर, हिसाब किताब लिखा रजिस्टर बरामद किए। पुलिस ने मौके से अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद सिटी हॉस्पिटल के पास गौतम वधवा के मकान पर पुलिस ने छापा मारा। वहां गौतम वधवा अपने दोस्त दीपक गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 14 पुरानी आबादी के साथ क्रिकेट बुकी चला रहा था। वहां से पुलिस ने एलसीडी, एक लैपटाप, सात मोबाइल, चार्जर, कैलकुलेटर व हिसाब-किताब लिखा रजिस्टर बरामद किया।
श्रीगंगानगर. जवाहर नगर पुलिस द्वारा क्रिकेट बुकी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी। 

narendra paneri kiran menariya sylvestor @ deepu @ daniel ravi khatik bhupalpura 27

वसूली और दहशत बनाए रखने के लिए किया था फायर

 
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम 
रोक के बावजूद दो महीने से आ रहा था राजस्थान 
भूपालपुरा पी रोड प्रकरण : साजिश का हिस्सा थी भू व्यवसायी के पड़ोसी पर फायरिंग, आरोपियों का एक साथी गिरफ्तार 
डीएसपी गोवर्धनलाल ने बताया कि आरोपियों ने फायरिंग की साजिश रात को ही रच ली थी। सुबह चारों सिल्वेस्टर की कार में भूपालपुरा पी रोड तक आए। गाड़ी रवि चला रहा था। नुक्कड़ पर गाड़ी खड़ी कर सिल्वेस्टर और किरण गली के अंदर पैदल आए। विमल भटनागर के घर के बाहर पहुंचकर भू व्यवसायी मुकेश जैन के बारे में पूछा और दहशत फैलाने के लिए विमल भटनागर पर निशाना साधते हुए हवाई फायर किया। दोनों आरोपी भागकर गली के बाहर खड़ी गाड़ी तक आए, फिर चारों लोग वहां से फरार हो गए। घटना में उपयोग हुई गाड़ी भी सिल्वेस्टर ने कुछ समय पहले अपने पिता के नाम सैकंड हेंड खरीदी थी। 
कुख्यात सिल्वेस्टर के राजस्थान में प्रवेश पर रोक है। हर महीने की पांच तारीख को सिल्वेस्टर को अहमदाबाद के नवरंग थाने में पेश होना पड़ता है। इसके बावजूद वह दो महीने से लगातार उदयपुर आ रहा था और खुले आम घूम रहा था। दो महीने तक उसकी आवाजाही होने के बावजूद पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पहली बार अपराध में शामिल हुआ और पकड़ा गया
रवि खटीक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह दो महीने से सिल्वेस्टर के साथ घूम रहा था। घटना के बाद अन्य तीन अपराधी फरार हो गए, लेकिन रवि खटीक गिरोह का नया सदस्य होने से भागने में सफल नहीं हो सका। नरेन्द्र पानेरी और किरण मेनारिया हिरणमगरी थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। इनके खिलाफ फिरौती, धमकाने, जानलेवा हमला सहित अन्य मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार हुआ रवि खटीक।
फरार आरोपी किरण मेनारिया
फरार आरोपी नरेन्द्र पानेरी
फरार आरोपी सिल्वेस्टर
नगर संवाददाता त्नउदयपुर
भूपालपुरा के पी रोड पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जुड़े कुख्यात अपराधी सिल्वेस्टर सहित चार लोगों को नामजद किया है। आरोपियों ने भू व्यवसायियों से वसूली और इलाके में दहशत फैलाने के लिए इस घटना को अंजाम दिया था। भू व्यवसायी के पड़ोसी के घर हवाई फायर आरोपियों की भूल नहीं, बल्कि साजिश का हिस्सा थी, ताकि भू व्यवसायी डर से उन तक रुपए पहुंचा दें।
एसपी अजयपाल लांबा ने बताया कि मामले में कृष्णपुरा (भूपालपुरा) निवासी रवि खटीक पुत्र सुरेश को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में काम ली गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। रवि ने पूछताछ में मामले का खुलासा किया और दूसरे साथियों के बारे में बताया। फायरिंग के मुख्य आरोपी भूपालपुरा निवासी सिल्वेस्टर उर्फ दीपू पुत्र डेनियल, पानेरियों की मादड़ी निवासी किरण पुत्र ख्याली लाल मेनारिया, नरेन्द्र पुत्र मांगीलाल पानेरी की तलाश की जा रही है। वारदात का खुलासा थानाधिकारी के नेतृत्व में कांस्टेबल बनवारी लाल, देवेन्द्र सिंह, नरपत सिंह, कमलेश, स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल इतवारी लाल, कांस्टेबल सुखदेव, अखिलेश ने किया है।